यह विश्वास है कि हर कर्म का एक फल होता है। यह फल आने वाला लग सकता है यहाँ पर. यदि आप प्यार से काम करते हैं, तो आपको सुख मिलेगी। अगर आप नकारात्मक करते हैं, तो आपको पीड़ा का सामना करना पड़ेगा। जीवन में सब लोग अपने कर्मों के अनुसार फल का अनुभव करता है। यह एक तथ्य है जिसे हम सबको समझना चाहिए और अच्छा जी
Helping The others Realize The Advantages Of भाग्य Vs कर्म
बिना फल की इच्छा के कोई कर्म क्यों करेगा? शायद इसी सवाल के जवाब में गीता में आगे कहा गया है – न हि कश्चित्क्षणमपि जातु तिष्ठत्यकर्मकृत्। कार्यते ह्यवश: कर्म सर्व: प्रकृतिजैर्गुणै: (प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति से अर्जित गुणों के अनुसार विवश होकर कर्म करना ही पड़ता है। कोई भी शख्स एक क्षण के लिए भी बिन